अगर आप पहली बार नौकरी करने जा रहे हैं या नौकरी की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। आज के समय में लाखों युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन अनुभव न होने के कारण उन्हें नौकरी मिलने में परेशानी होती है। वहीं कई कंपनियां भी नए कर्मचारियों को नियुक्त करने से पहले अतिरिक्त खर्च और अन्य कारणों से हिचकिचाती हैं।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM Viksit Bharat Rozgar Yojana – PM-VBRY) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को औपचारिक रोजगार (Formal Employment) से जोड़ना, पहली बार नौकरी करने वालों को आर्थिक सहायता देना और कंपनियों को अधिक से अधिक लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि देश में स्थायी और सुरक्षित रोजगार के अवसर बढ़ाना भी है।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) केंद्र सरकार की रोजगार प्रोत्साहन योजना है, जिसे 1 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक बनने वाली नई नौकरियों पर लागू होगी।
सरकार ने इस योजना के लिए लगभग ₹99,446 करोड़ का बजट निर्धारित किया है। इसका लक्ष्य देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ पहली बार औपचारिक नौकरी करने वाले युवाओं को लाभ मिलने का अनुमान है।
योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना भी है। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) से जुड़ें ताकि उन्हें भविष्य निधि (EPF) जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सके।
इसके साथ ही सरकार कंपनियों को आर्थिक प्रोत्साहन देकर नई भर्तियों को बढ़ावा देना चाहती है, जिससे देश में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ सकें।
पहली बार नौकरी करने वालों को मिलेगा ये लाभ?
इस योजना का सबसे बड़ा आकर्षण पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं के लिए है।
यदि कोई व्यक्ति पहली बार EPFO में पंजीकृत होता है और उसका मासिक वेतन ₹1 लाख या उससे कम है, तो उसे एक महीने के वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
यह राशि एक साथ नहीं बल्कि दो किस्तों में दी जाएगी।
- पहली किस्त (अधिकतम ₹7,500) लगातार 6 महीने नौकरी करने के बाद मिलेगी।
- दूसरी किस्त (शेष राशि) 12 महीने की नौकरी पूरी करने और सरकार द्वारा निर्धारित वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy) कार्यक्रम पूरा करने के बाद दी जाएगी। यह राशि निर्धारित बचत खाते या बचत साधन में जमा की जाएगी।
किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का लाभ हर कर्मचारी को नहीं मिलेगा। इसके लिए सरकार ने कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की हैं। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं—
- कर्मचारी पहली बार EPFO से जुड़ रहा हो।
- मासिक वेतन ₹1 लाख तक हो।
- कम से कम 6 महीने तक लगातार नौकरी में बना रहे।
- योजना की अन्य शर्तों का पालन करे।
यदि कर्मचारी इन शर्तों को पूरा करता है, तभी उसे योजना का लाभ दिया जाएगा।
कंपनियों (Employers) को क्या फायदा मिलेगा?
इस योजना का दूसरा महत्वपूर्ण भाग नियोक्ताओं यानी कंपनियों के लिए है।
यदि कोई कंपनी नए कर्मचारियों की भर्ती करती है और उन्हें कम से कम 6 महीने तक रोजगार देती है, तो सरकार प्रति अतिरिक्त कर्मचारी पर हर महीने आर्थिक सहायता देगी।
प्रोत्साहन राशि कर्मचारी के EPF वेतन के आधार पर होगी
- ₹10,000 तक वेतन वाले कर्मचारी पर ₹1,000 प्रति माह।
- ₹10,001 से ₹20,000 तक वेतन वाले कर्मचारी पर ₹2,000 प्रति माह।
- ₹20,000 से ₹1 लाख तक वेतन वाले कर्मचारी पर ₹3,000 प्रति माह।
सामान्य क्षेत्रों में यह सहायता 2 वर्ष तक मिलेगी, जबकि विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र में यह लाभ 4 वर्ष तक दिया जाएगा।
किन कंपनियों को योजना का लाभ मिलेगा?
योजना का लाभ उन प्रतिष्ठानों को मिलेगा जो EPFO में पंजीकृत हैं। इसके अलावा
- 50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनी को कम से कम 2 नए कर्मचारियों की भर्ती करनी होगी।
- 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाली कंपनी को कम से कम 5 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करनी होगी।
इन कर्मचारियों को कम से कम 6 महीने तक लगातार रोजगार देना भी आवश्यक होगा।
योजना से युवाओं को क्या लाभ होगा?
आज अधिकांश कंपनियां अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता देती हैं। ऐसे में नए युवाओं के लिए पहली नौकरी पाना आसान नहीं होता।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना इस समस्या को काफी हद तक कम करने का प्रयास करती है। सरकार द्वारा मिलने वाली प्रोत्साहन राशि युवाओं को नौकरी शुरू करने के दौरान आर्थिक सहायता देगी। साथ ही EPFO से जुड़ने पर भविष्य निधि जैसी सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी।
इससे युवाओं को केवल नौकरी ही नहीं बल्कि सुरक्षित करियर की शुरुआत करने का अवसर मिलेगा।
कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं?
योजना के तहत पात्रता सत्यापित करने के लिए सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है—
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड (जहां आवश्यक हो)
- बैंक खाता
- मोबाइल नंबर
- UAN (Universal Account Number)
- EPFO पंजीकरण संबंधी विवरण
- नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज
अंतिम दस्तावेजों की सूची सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मान्य होगी।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले योजना के आधिकारिक पोर्टल pmvbry.epfindia.gov.in या श्रम मंत्रालय की वेबसाइट पर जाएं।
- नियोक्ता (Employer) को अपने संगठन के EPFO क्रेडेंशियल्स के जरिए लॉगिन करना होगा।
- नए कर्मचारियों का विवरण दर्ज करते समय फेस ऑथेंटिकेशन (FAT) प्रक्रिया को पूरा करें।
- सभी जरूरी दस्तावेज और बैंक डिटेल्स सबमिट करने के बाद आपका पंजीकरण पूरा हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
यह योजना 1 अगस्त 2025 से प्रभावी रूप से लागू है।
नहीं, यह राशि कर्मचारी के EPFO खाते में तीन किस्तों में ट्रांसफर की जाती है।
अन्य सेक्टर्स को जहाँ 2 साल के लिए नियोक्ता प्रोत्साहन मिलता है, वहीं मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को यह लाभ 4 सालों तक मिलता है।

