Bike Insurance: घर बैठे बाइक का इंश्योरेंस ऑनलाइन कैसे करें (2026), ₹457 से बाइक इंश्योरेंस करें, जानें पूरी जानकारी

Bike Insurance: घर बैठे बाइक का इंश्योरेंस ऑनलाइन कैसे करें (2026), ₹457 से बाइक इंश्योरेंस करें, जानें पूरी जानकारी
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Bike or Scooty Insurance: आज के समय में बाइक या स्कूटी का इंश्योरेंस करवाना बहुत जरूरी हो गया है, लेकिन ज्यादातर लोग इसे सही तरीके से नहीं करवाते। जब भी इंश्योरेंस खत्म होता है, लोग सीधे एजेंट या डीलर के पास चले जाते हैं और वहां उन्हें महंगा प्लान दे दिया जाता है। असल में उस प्रीमियम में 25 से 30 प्रतिशत तक कमीशन पहले से जुड़ा होता है।

अगर आप थोड़ा समझदारी से काम लें, तो आप घर बैठे ही अपनी बाइक या स्कूटी का इंश्योरेंस सस्ते में कर सकते हैं। आज कई कंपनियां डायरेक्ट ऑनलाइन इंश्योरेंस देती हैं, जिनमें से एक भरोसेमंद प्लेटफॉर्म है ACKO

इस लेख में हम आपको उसी तरीके से पूरा प्रोसेस समझाएंगे और साथ में प्राइस का भी आइडिया देंगे, ताकि आपको सही निर्णय लेने में आसानी हो।

बाइक या स्कूटी इंश्योरेंस क्यों जरूरी है

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि इंश्योरेंस आखिर क्यों जरूरी है। जब भी हम सड़क पर गाड़ी चलाते हैं, तो एक्सीडेंट का खतरा हमेशा बना रहता है। ऐसे में अगर आपकी गाड़ी को नुकसान होता है या किसी और को नुकसान होता है, तो इंश्योरेंस आपको आर्थिक सुरक्षा देता है।

इसके अलावा, भारत में थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना कानूनी रूप से जरूरी है। अगर आपके पास इंश्योरेंस नहीं है, तो ट्रैफिक पुलिस चालान काट सकती है।

इंश्योरेंस के प्रकार समझ लें

1. थर्ड पार्टी इंश्योरेंस

यह सबसे सस्ता इंश्योरेंस होता है। इसमें आपकी गाड़ी को हुए नुकसान का कवर नहीं मिलता, लेकिन अगर आपकी वजह से किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी प्रॉपर्टी को नुकसान होता है, तो उसका खर्च इंश्योरेंस कंपनी उठाती है।

अगर आपकी बाइक पुरानी है या आप कम चलाते हैं, तो यह प्लान आपके लिए ठीक हो सकता है।

2. फर्स्ट पार्टी इंश्योरेंस

इसमें आपकी अपनी गाड़ी को हुए नुकसान का कवर मिलता है। यानी अगर एक्सीडेंट में आपकी बाइक या स्कूटी डैमेज हो जाती है, तो उसका खर्च कंपनी देती है।

यह प्लान थर्ड पार्टी से थोड़ा महंगा होता है, लेकिन सुरक्षा ज्यादा देता है।

3. कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस

यह सबसे एडवांस और पूरा कवर देने वाला प्लान होता है। इसमें थर्ड पार्टी और फर्स्ट पार्टी दोनों के फायदे मिलते हैं। साथ ही आग, चोरी, प्राकृतिक आपदा (जैसे बाढ़, भूकंप) जैसे मामलों में भी कवर मिलता है।

अगर आपकी गाड़ी नई है या आप रोजाना इस्तेमाल करते हैं, तो यह सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।

घर बैठे बाइक या स्कूटी इंश्योरेंस कैसे करें

अब बात करते हैं ऑनलाइन इंश्योरेंस कैसे करें नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके आप घर बैठे आसानी से इंश्योरेंस कर सकते हैं:

  • Step 1: सबसे पहले ACKO की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • Step 2: होमपेज पर दिए गए बॉक्स में अपनी बाइक या स्कूटी का नंबर डालें और  heck Prices पर क्लिक करें।
  • Step 3: अब आपके सामने आपकी बाइक की जानकारी आ जाएगी। यहां आपको सही डिटेल सेलेक्ट करनी है जैसे बाइक मॉडल और रजिस्ट्रेशन ईयर।
  • Step 4: यहां आपको अपनी पिछली पॉलिसी की स्थिति बतानी होगी चालू है, 90 दिन के अंदर एक्सपायर हुई है या 90 दिन से ज्यादा हो चुके हैं।
    अगर ज्यादा समय हो गया है, तो आपको गाड़ी की फोटो अपलोड करनी पड़ सकती है।
  • Step 5: यह आपकी गाड़ी की वर्तमान वैल्यू होती है।
    ज्यादा IDV रखने पर प्रीमियम बढ़ेगा लेकिन क्लेम ज्यादा मिलेगा, और कम IDV पर प्रीमियम कम होगा लेकिन क्लेम भी कम मिलेगा।
  • Step 6: यहां आपको दो ऑप्शन मिलते हैं थर्ड पार्टी (सस्ता) और कॉम्प्रिहेंसिव (फुल कवर)।
    अगर बाइक नई है तो कॉम्प्रिहेंसिव लेना बेहतर है, और अगर पुरानी है तो थर्ड पार्टी भी पर्याप्त हो सकता है।
  • Step 7: आप अपनी जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त कवर जोड़ सकते हैं जैसे Zero Depreciation, Engine Protection और Roadside Assistance।
  • Step 8:  अब आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और पता जैसी बेसिक जानकारी भरनी होगी।
  • Step 9: आप UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से आसानी से पेमेंट कर सकते हैं।
  • Step 10: पेमेंट के बाद KYC करना जरूरी होता है। इसके लिए PAN कार्ड, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस देना होता है। आप DigiLocker के जरिए भी KYC कर सकते हैं।
  • Step 11: KYC पूरा होते ही आपकी पॉलिसी 2 से 5 मिनट के अंदर PDF फॉर्मेट में जारी हो जाती है, जिसे आप तुरंत डाउनलोड कर सकते हैं।

IDV वैल्यू कैसे चुनें

यहां आपको IDV यानी Insured Declared Value चुननी होती है। यह आपकी गाड़ी की वर्तमान वैल्यू होती है।

अगर आपकी बाइक चोरी हो जाती है या पूरी तरह खराब हो जाती है, तो कंपनी आपको इसी वैल्यू के हिसाब से पैसा देती है। इसलिए बहुत कम IDV रखने से बचना चाहिए।

ACKO बाइक इंश्योरेंस का प्राइस कितना होता है

अगर हम ऑफिशियल वेबसाइट की बात करें, तो बाइक इंश्योरेंस की कीमत बहुत कम से शुरू हो जाती है।

  • बेसिक प्लान (स्टार्टिंग): करीब ₹457 से शुरू
  • 75cc–150cc बाइक (1 साल थर्ड पार्टी): लगभग ₹714
  • 150cc–350cc बाइक: लगभग ₹1,366

यह सिर्फ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के रेट हैं (जो सबसे सस्ता होता है)।

कॉम्प्रिहेंसिव प्लान (जिसमें आपकी खुद की बाइक का भी कवर होता है) का प्राइस फिक्स नहीं होता। यह आपकी बाइक की वैल्यू (IDV), मॉडल और ऐड-ऑन के हिसाब से बदलता है।

आसान भाषा में समझो:

  • ₹500–₹1500 = बेसिक (थर्ड पार्टी)
  • ₹1000–₹4000+ = कॉम्प्रिहेंसिव (गाड़ी पर निर्भर)

प्राइस कितना आता है

अब सबसे जरूरी सवाल आता है कि आखिर कितना खर्च आता है।

जैसा कि उदाहरण में देखा गया है, थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लगभग 700 से 800 रुपये सालाना के आसपास मिल सकता है, जो सबसे सस्ता विकल्प होता है।

वहीं कॉम्प्रिहेंसिव प्लान का प्राइस आपकी गाड़ी और IDV पर निर्भर करता है। आमतौर पर यह 1000 से 3000 रुपये या उससे ज्यादा तक जा सकता है।

अगर आप 2 साल या 3 साल का प्लान लेते हैं, तो कीमत थोड़ी बढ़ जाती है, लेकिन लंबे समय के लिए टेंशन खत्म हो जाती है।

कौन सा प्लान लेना सही रहेगा

अगर आपकी बाइक पुरानी है और ज्यादा इस्तेमाल नहीं होती, तो थर्ड पार्टी इंश्योरेंस काफी है। इससे आप कानूनी रूप से भी सुरक्षित रहेंगे और कम खर्च में काम हो जाएगा।

लेकिन अगर आपकी बाइक नई है या रोजाना इस्तेमाल में आती है, तो कॉम्प्रिहेंसिव प्लान लेना ज्यादा समझदारी है। इससे आपकी गाड़ी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

पर्सनल एक्सीडेंट कवर

इंश्योरेंस लेते समय आपको पर्सनल एक्सीडेंट कवर का ऑप्शन भी मिलता है। इसमें छोटी सी राशि देकर बड़ा कवर मिलता है, जैसे 15 लाख तक का कवर।

यह ऑप्शनल होता है, लेकिन सुरक्षा के हिसाब से लेना बेहतर रहता है।

इंश्योरेंस लेते समय किन बातों का ध्यान रखें

इंश्योरेंस लेते समय कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

  • सबसे पहले, हमेशा अपनी जरूरत के हिसाब से प्लान चुनें। सिर्फ सस्ता देखकर थर्ड पार्टी प्लान न लें अगर आपकी गाड़ी नई है।
  • दूसरी बात, IDV को बहुत कम न रखें। कम IDV का मतलब कम क्लेम अमाउंट होगा।
  • तीसरी बात, पॉलिसी एक्सपायर होने से पहले ही रिन्यू करा लें ताकि आपको किसी अतिरिक्त वेरिफिकेशन की जरूरत न पड़े।
  • चौथी बात, हमेशा अपनी गाड़ी की सही जानकारी दें। गलत जानकारी देने पर क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

क्लेम कब नहीं मिलेगा

अगर आप बिना लाइसेंस के गाड़ी चला रहे हैं या शराब पीकर ड्राइव कर रहे हैं, तो इंश्योरेंस कंपनी क्लेम नहीं देती।

इसके अलावा अगर आप ट्रैफिक नियम तोड़ते हैं या गलत जानकारी देते हैं, तो भी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है।

सामान्य घिसावट या इंजन खराब होने जैसी चीजें भी आमतौर पर कवर नहीं होतीं।

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