Land Record Check Online: आपके नाम कितनी जमीन है? ऑनलाइन कैसे चेक करे मोबाइल से

Land Record Check Online: आपके नाम कितनी जमीन है? ऑनलाइन कैसे चेक करे मोबाइल से
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कई बार ऐसा होता है कि हमें खुद नहीं पता होता कि हमारे नाम पर कितनी जमीन दर्ज है। गांव में पुरानी पैतृक जमीन हो, शहर में खरीदा हुआ प्लॉट हो या फिर दादा-परदादा के समय की कोई खेती वाली जमीन कागज़ी रिकॉर्ड में क्या दर्ज है, यह जानना बहुत ज़रूरी है। आज के समय में ज़मीन से जुड़े झगड़े, फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी भी बढ़ रहे हैं, इसलिए समय-समय पर अपने नाम की जमीन की जानकारी चेक करना समझदारी है। अच्छी बात यह है कि अब लगभग हर राज्य में यह जानकारी ऑनलाइन मिल जाती है और इसके लिए आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

इस लेख में हम सरल भाषा में समझेंगे कि किसी भी राज्य में अपने नाम से कितनी जमीन है, यह कैसे पता करें।

Table of Contents

जमीन की जानकारी जानना क्यों जरूरी है?

जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा भी होती है। अगर आपके नाम पर कोई जमीन दर्ज है और आपको उसकी जानकारी नहीं है, तो कोई और उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। कई बार वारिसों के नाम चढ़ाने (म्यूटेशन) में गलती रह जाती है, या रिकॉर्ड अपडेट नहीं होता। ऐसे में बैंक लोन, बिक्री या किसी सरकारी योजना का लाभ लेने में दिक्कत आ सकती है।

इसलिए समय-समय पर अपने नाम का भू-अभिलेख (Land Record) चेक करना बहुत जरूरी है।

ऑनलाइन जमीन की जानकारी कैसे चेक करें?

आज के समय में जमीन से जुड़ी जानकारी लेना पहले जैसा मुश्किल नहीं रहा। अब आप घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से अपने नाम की जमीन, खसरा-खतौनी, जमाबंदी या आरओआर (Record of Rights) देख सकते हैं। लगभग हर राज्य सरकार ने अपना अलग भूमि रिकॉर्ड पोर्टल शुरू किया हुआ है। प्रक्रिया लगभग एक जैसी होती है बस वेबसाइट का नाम अलग होता है।

नीचे सभी प्रमुख राज्यों की वेबसाइट और उनकी सामान्य प्रक्रिया सरल भाषा में समझाई गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से समझ सके।

उत्तर प्रदेश में जमीन कैसे चेक करें?

अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, तो आपको UP Bhulekh पोर्टल पर जाना होगा। वेबसाइट खोलने के बाद “खतौनी (अधिकार अभिलेख) की नकल देखें” विकल्प चुनें। फिर जिला, तहसील और गांव चुनें। इसके बाद आप अपने नाम, खसरा संख्या या गाटा संख्या से खोज सकते हैं। कैप्चा भरने के बाद आपकी जमीन का पूरा विवरण स्क्रीन पर दिखाई देगा।

बिहार में जमीन की जानकारी कैसे देखें?

बिहार के लिए आधिकारिक वेबसाइट Bihar Bhumi है। यहां “जमाबंदी पंजी देखें” विकल्प पर क्लिक करें। फिर जिला, अंचल (तहसील) और मौजा चुनें। इसके बाद आप अपने नाम या खाता संख्या से खोज सकते हैं। रिकॉर्ड खुलते ही आपके नाम से दर्ज जमीन की पूरी जानकारी दिख जाएगी।

मध्य प्रदेश में जमीन कैसे देखें?

मध्य प्रदेश में MP Bhulekh पोर्टल उपलब्ध है। वेबसाइट पर जाकर “खसरा/खतौनी” विकल्प चुनें। जिला, तहसील और गांव चुनने के बाद आप नाम या खसरा नंबर से खोज सकते हैं। यहां से आप जमीन का नक्शा भी देख सकते हैं।

राजस्थान में जमीन कैसे चेक करें?

राजस्थान में जमीन की जानकारी के लिए Apna Khata पोर्टल है। यहां जिला चुनने के बाद तहसील और गांव का चयन करें। फिर नाम या खसरा नंबर से खोजें। आपकी जमाबंदी की नकल स्क्रीन पर दिखाई देगी।

महाराष्ट्र में जमीन कैसे देखें?

महाराष्ट्र में जमीन का रिकॉर्ड देखने के लिए Mahabhulekh वेबसाइट है। यहां 7/12 (सातबारा) और 8A दस्तावेज देखे जा सकते हैं। जिला और तालुका चुनने के बाद गांव चुनें और फिर नाम या सर्वे नंबर से खोज करें।

हरियाणा में जमीन की जानकारी

हरियाणा के लिए Jamabandi Haryana पोर्टल है। यहां “जमाबंदी नकल” विकल्प चुनकर जिला, तहसील और गांव भरें। फिर मालिक के नाम से खोज करने पर रिकॉर्ड मिल जाता है।

पंजाब में जमीन कैसे देखें?

पंजाब में Punjab Land Records Society के पोर्टल पर जाकर Jamabandi विकल्प चुनें। जिला, तहसील और गांव चुनकर आप नाम से सर्च कर सकते हैं।

झारखंड में जमीन की जानकारी

झारखंड में Jharbhoomi वेबसाइट पर जाकर जिला, अंचल और हल्का चुनें। इसके बाद नाम या खाता संख्या से खोजें।

छत्तीसगढ़ में जमीन कैसे देखें?

छत्तीसगढ़ के लिए Bhuiyan Chhattisgarh पोर्टल उपलब्ध है। यहां जिला और तहसील चुनकर खसरा/बी-1 विवरण देखा जा सकता है।

गुजरात में जमीन की जानकारी

गुजरात में AnyROR Gujarat वेबसाइट के माध्यम से जमीन का रिकॉर्ड देखा जा सकता है। यहां से 7/12 और 8A दस्तावेज ऑनलाइन मिलते हैं।

पश्चिम बंगाल में जमीन कैसे देखें?

पश्चिम बंगाल में Banglarbhumi पोर्टल है। यहां Know Your Property विकल्प के जरिए नाम या प्लॉट नंबर से जानकारी ली जा सकती है।

तमिलनाडु में जमीन की जानकारी

तमिलनाडु में Tamil Nilam पोर्टल पर जाकर पट्टा और चिट्टा रिकॉर्ड देखा जा सकता है।

कर्नाटक में जमीन कैसे देखें?

कर्नाटक के लिए Bhoomi Karnataka पोर्टल उपलब्ध है। यहां RTC (Record of Rights, Tenancy and Crops) ऑनलाइन देखा जा सकता है।

आंध्र प्रदेश में जमीन की जानकारी

आंध्र प्रदेश में MeeBhoomi वेबसाइट के माध्यम से जमीन का रिकॉर्ड देखा जा सकता है।

तेलंगाना में जमीन कैसे देखें?

तेलंगाना के लिए Dharani Telangana पोर्टल है। यहां जमीन का विवरण और पत्तादार पासबुक की जानकारी मिलती है।

ऑनलाइन जमीन चेक करने की सामान्य प्रक्रिया

चाहे कोई भी राज्य हो, प्रक्रिया लगभग एक जैसी रहती है। सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। फिर जिला, तहसील और गांव का चयन करें। उसके बाद अपने नाम, खसरा नंबर, खाता संख्या या सर्वे नंबर से खोज करें। कैप्चा भरने या ओटीपी सत्यापन के बाद जमीन की पूरी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई दे जाती है।

ध्यान रखने योग्य बातें

नाम की स्पेलिंग सही भरें। अगर नाम से रिकॉर्ड न मिले तो खसरा या सर्वे नंबर से खोजें। हमेशा सरकारी वेबसाइट का ही उपयोग करें और किसी भी निजी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें।

नाम से जमीन खोजते समय किन बातों का ध्यान रखें?

जब आप अपने नाम से जमीन सर्च करते हैं तो नाम की स्पेलिंग बहुत मायने रखती है। अगर रिकॉर्ड में आपका नाम अलग तरीके से लिखा है, जैसे राम कुमार की जगह रामकुमार या राम कुमर, तो सर्च में दिक्कत आ सकती है। इसलिए अगर नाम से जानकारी नहीं मिल रही है, तो खसरा या गाटा संख्या से भी खोजने की कोशिश करें।

कुछ राज्यों की वेबसाइट पर कैप्चा कोड भरना होता है या मोबाइल नंबर से ओटीपी वेरीफिकेशन भी करना पड़ सकता है। यह सुरक्षा के लिए होता है।

जमीन का रिकॉर्ड किन नामों से जाना जाता है?

हर राज्य में जमीन के रिकॉर्ड का नाम थोड़ा अलग हो सकता है। कहीं इसे खतौनी कहते हैं, कहीं जमाबंदी, तो कहीं आरओआर (Record of Rights)। लेकिन इन सबका मतलब लगभग एक ही होता है आपके नाम पर दर्ज जमीन का आधिकारिक रिकॉर्ड।

खतौनी में जमीन के मालिक का नाम, पिता का नाम, खाता संख्या, खसरा नंबर और जमीन का कुल रकबा दर्ज होता है। यही दस्तावेज भविष्य में जमीन बेचने, खरीदने या बैंक से लोन लेने में काम आता है।

क्या आप पूरे राज्य में अपने नाम की जमीन खोज सकते हैं?

अक्सर लोग पूछते हैं कि क्या हम पूरे राज्य में अपने नाम से खोज सकते हैं कि कहीं और भी हमारे नाम पर जमीन दर्ज है या नहीं। ज्यादातर राज्यों की वेबसाइट गांव या तहसील के आधार पर सर्च की सुविधा देती हैं। यानी आपको कम से कम जिला और तहसील की जानकारी होनी चाहिए।

फिलहाल ऐसा कोई एक राष्ट्रीय पोर्टल नहीं है जहां पूरे देश में एक साथ आपके नाम की सारी जमीन दिखाई दे। इसलिए अगर आपको शक है कि किसी दूसरे जिले या राज्य में भी जमीन हो सकती है, तो वहां की अलग वेबसाइट पर जाकर सर्च करना होगा।

जमीन की जानकारी चेक करने के फायदे

समय-समय पर अपने नाम की जमीन चेक करने से आप फर्जी रजिस्ट्रेशन या अवैध कब्जे से बच सकते हैं। अगर रिकॉर्ड में कोई गलती मिलती है, तो आप समय रहते उसे ठीक करा सकते हैं।

इसके अलावा अगर सरकार की किसी योजना का लाभ लेना हो, मुआवजा लेना हो या बैंक से कृषि लोन लेना हो, तो सही और अपडेटेड रिकॉर्ड बहुत जरूरी होता है।

रिकॉर्ड में गलती मिले तो क्या करें?

अगर आपको लगता है कि आपके नाम की जमीन का क्षेत्रफल गलत दर्ज है या किसी और का नाम चढ़ा हुआ है, तो आपको तुरंत तहसील कार्यालय में शिकायत करनी चाहिए। इसके लिए आवेदन देकर राजस्व अधिकारी से जांच की मांग की जा सकती है।

जरूरत पड़ने पर आप ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं, अगर आपके राज्य में यह सुविधा उपलब्ध है।

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