अपनी समस्या सीधे प्रधानमंत्री मोदी जी तक कैसे पहुँचाएँ? ऑनलाइन शिकायत करने का आसान तरीका

how to complain to Prime Minister Modi :अपनी समस्या सीधे प्रधानमंत्री मोदी जी तक कैसे पहुँचाएँ? ऑनलाइन शिकायत करने का आसान तरीका
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कई बार हमारे सामने ऐसी समस्याएँ आ जाती हैं, जिनके लिए हम दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक जाते हैं। कभी राशन कार्ड में गड़बड़ी होती है, कभी पेंशन अटक जाती है, तो कभी किसी सरकारी योजना का लाभ मिलते-मिलते रह जाता है। ऐसे में मन में यही सवाल आता है कि क्या आम आदमी अपनी बात देश के प्रधानमंत्री तक पहुँचा सकता है? क्या हमारी शिकायत कोई सुनेगा भी या नहीं?

अच्छी बात यह है कि आज के डिजिटल भारत में यह बिल्कुल संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने खुद ऐसा ऑनलाइन सिस्टम बनाया है, जहाँ देश का कोई भी नागरिक अपनी समस्या सीधे दर्ज करा सकता है। इसके लिए न तो किसी सिफारिश की जरूरत है और न ही किसी दफ्तर में लाइन लगाने की। बस मोबाइल या कंप्यूटर और इंटरनेट होना चाहिए।

प्रधानमंत्री तक शिकायत पहुँचाने के लिए सरकार ने क्या व्यवस्था बनाई है

सरकार ने आम जनता की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया है, जिसे CPGRAMS कहा जाता है। इसका पूरा नाम सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवेंस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम है। नाम थोड़ा कठिन लग सकता है, लेकिन काम बहुत आसान है।

इस पोर्टल के जरिए आप अपनी शिकायत सीधे केंद्र सरकार से जुड़े विभागों तक पहुँचा सकते हैं। आपकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी जाती है और फिर संबंधित विभाग को भेज दी जाती है, जहाँ से उस पर कार्रवाई होती है। यही वजह है कि इसे प्रधानमंत्री तक शिकायत करने का सबसे भरोसेमंद ऑनलाइन तरीका माना जाता है।

कौन-कौन अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकता है

इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे हर आम नागरिक के लिए बनाया गया है। आप किसान हों, छात्र हों, नौकरीपेशा हों, व्यापारी हों या फिर रिटायर्ड व्यक्ति हों, कोई फर्क नहीं पड़ता। अगर आपकी समस्या किसी केंद्र सरकार के विभाग, योजना या अधिकारी से जुड़ी है, तो आप अपनी शिकायत यहाँ दर्ज कर सकते हैं।

यहाँ तक कि अगर आपने पहले कहीं शिकायत की है और उसका समाधान नहीं हुआ है, तब भी आप दोबारा अपनी बात यहाँ रख सकते हैं। सरकार का उद्देश्य यही है कि किसी भी नागरिक की समस्या अनसुनी न रहे।

ऑनलाइन शिकायत करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है

शिकायत दर्ज करने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी समस्या किससे जुड़ी है। अगर आपकी शिकायत पूरी तरह राज्य सरकार के विषय से जुड़ी है, तो उसे राज्य के पोर्टल पर भेजा जाता है। लेकिन अगर मामला केंद्र सरकार की योजना, मंत्रालय या विभाग से जुड़ा है, तो यह पोर्टल सबसे सही विकल्प है।

इसके अलावा अपनी शिकायत को साफ और सरल भाषा में लिखना बहुत जरूरी होता है। भावनाओं में बहकर लंबी कहानी लिखने की बजाय, समस्या क्या है, कब से है और आप क्या समाधान चाहते हैं, यह साफ-साफ लिखना ज्यादा असरदार होता है।

प्रधानमंत्री मोदी जी से ऑनलाइन शिकायत करने की पूरी प्रक्रिया

ऑनलाइन शिकायत करने की प्रक्रिया इतनी आसान है कि पहली बार करने वाला व्यक्ति भी बिना किसी मदद के कर सकता है। सबसे पहले आपको सरकार के शिकायत पोर्टल पर जाना होता है। वहाँ “शिकायत दर्ज करें” का विकल्प मिलता है।

  • सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में ब्राउज़र खोलकर CPGRAMS (Central Public Grievance Redress and Monitoring System) की आधिकारिक वेबसाइट pgportal.gov.in पर जाएँ।

  • होमपेज पर “Register Grievance” (शिकायत दर्ज करें) का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

  • अब आपकी स्क्रीन पर लॉगिन/रजिस्ट्रेशन पेज खुलेगा, जहाँ आपको अपना मोबाइल नंबर या ई-मेल आईडी दर्ज करनी होगी।

  • दिए गए मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा, उसे डालकर वेरिफिकेशन पूरा करें।

  • वेरिफिकेशन के बाद शिकायत फॉर्म खुलेगा, जिसमें आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता और राज्य भरना होगा।

  • इसके बाद अपनी समस्या को साफ़ और संक्षेप में निर्धारित बॉक्स में लिखें।

  • अगर आपके पास कोई दस्तावेज़, फोटो या प्रमाण है, तो उसे अपलोड करने का विकल्प भी मिलता है।

  • संबंधित मंत्रालय या विभाग को चुनें, जिससे आपकी शिकायत जुड़ी हुई है।

  • सारी जानकारी ध्यान से जाँचने के बाद Submit बटन पर क्लिक करें।

  • शिकायत दर्ज होते ही आपको एक Grievance Registration Number मिलेगा, उसे सुरक्षित नोट कर लें।

  • इसी नंबर की मदद से आप बाद में अपनी शिकायत का Status Track कर सकते हैं।

शिकायत दर्ज होने के बाद क्या होता है

शिकायत सबमिट करते ही आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है। यह नंबर बहुत जरूरी होता है, क्योंकि इसी के जरिए आप अपनी शिकायत की स्थिति बाद में देख सकते हैं।

आपकी शिकायत सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय में जाती है और फिर वहाँ से संबंधित मंत्रालय या विभाग को भेज दी जाती है। उस विभाग की जिम्मेदारी होती है कि तय समय सीमा के अंदर आपकी समस्या का समाधान करे या आपको जवाब दे।

अक्सर देखा गया है कि इस पोर्टल के जरिए की गई शिकायतों पर स्थानीय स्तर की शिकायतों की तुलना में जल्दी ध्यान दिया जाता है, क्योंकि इसमें ऊपर से निगरानी होती है।

अपनी शिकायत का स्टेटस ऑनलाइन कैसे देखें

कई लोगों को डर रहता है कि शिकायत करने के बाद पता ही नहीं चलता कि आगे क्या हुआ। लेकिन यहाँ ऐसा नहीं है। आप जब चाहें अपने रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से ऑनलाइन जाकर यह देख सकते हैं कि आपकी शिकायत किस स्टेज पर है।

कभी-कभी विभाग की ओर से आपसे अतिरिक्त जानकारी भी मांगी जाती है, जिसकी सूचना आपको मोबाइल या ई-मेल पर मिल जाती है। इस तरह आप पूरी प्रक्रिया से जुड़े रहते हैं और अंधेरे में नहीं रहते।

किन समस्याओं के लिए यह तरीका सबसे ज्यादा असरदार है

यह ऑनलाइन सिस्टम खासतौर पर सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी, पेंशन या छात्रवृत्ति न मिलने, आधार या बैंक से जुड़ी दिक्कत, केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़ी शिकायत और प्रशासनिक लापरवाही जैसे मामलों में काफी असरदार साबित हुआ है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि निजी विवाद या कोर्ट से जुड़े मामलों के लिए यह प्लेटफॉर्म सही नहीं होता। यह केवल प्रशासनिक और सरकारी सेवाओं से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बनाया गया है।

क्या सच में प्रधानमंत्री तक बात पहुँचती है

यह सवाल लगभग हर व्यक्ति के मन में आता है। सच यह है कि प्रधानमंत्री जी खुद हर शिकायत नहीं पढ़ते, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय की पूरी टीम इस सिस्टम की निगरानी करती है। हर शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है और संबंधित विभाग तक पहुँचाया जाता है।

यही कारण है कि लाखों लोगों को इस प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान मिला है। कई मामलों में तो सालों से अटकी फाइलें भी आगे बढ़ी हैं।

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